इलियास कश्मीरी :का खौफनाक चेहरा जो पाकिस्तानी हीरो से वैश्विक दानव बना 9/11 से

इलियास कश्मीरी
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एक आंख, एक ट्रॉफी, और अनगिनत खून इलियास कश्मीरी : का खौफनाक चेहरा

एक आंख गायब, मोटी दाढ़ी जिस पर हिना का रंग चढ़ा हो, एक उंगली कटी हुई, और चेहरे पर मोटे काले चश्मे। इसी भयानक हुलिए का एक शख्स एक कटा हुआ सिर लेकर अपनी गाड़ी पर लादे घूम रहा था—कहां? पाकिस्तान के पीओके शहर कोटली में। वो सिर किसका था?

भारतीय सैनिक मारुति भाऊ साहब तालेकर का। पाकिस्तान में इस सिर को ट्रॉफी की तरह लहराया जा रहा था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गाड़ी से उतरते ही इसके साथ फुटबॉल की तरह खेला गया।

फिर इसे पेश किया गया पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ को। मुशर्रफ इतने खुश हुए कि तुरंत ₹1 लाख का इनाम थमा दिया उस शख्स को। अगले दिन पाकिस्तानी अखबारों के फ्रंट पेज सज गए उसकी तस्वीरों से। ये पूरी घटना 2000 की है। पाकिस्तानी आवाम के लिए वो आदमी हीरो बन चुका था, लेकिन पूरी दुनिया के लिए ओसामा बिन लादेन के बाद का सबसे बड़ा जिहादी—अल-कायदा का मिलिट्री दिमाग।

नाम: इलियास कश्मीरी। जिसने दुनिया भर में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया। अमेरिकी फौज ने कई बार ड्रोन से मारने का दावा किया, लेकिन हर बार वो जिंदा लौट आता। आज इलियास की ये कहानी क्यों? क्योंकि एक फिल्म ‘धुरंधर’ में अर्जुन रामपाल जिस शख्स का किरदार निभा रहे हैं, वो इलियास कश्मीरी ही माना जा रहा है। कौन था ये इलियास? क्या पाकिस्तानी सेना का कमांडो मुजाहिदीन का सबसे बड़ा लीडर बना? क्यों लादेन के बाद अमेरिका ने इसे मारने के लिए पूरी फौज झोंक दी? चलिए, इस खौफनाक सफर को शुरू से खंगालते हैं।

इलियास कश्मीरी का खौफनाक चेहरा >जिहाद का जन्म: अफगान धरती से कश्मीर की आग तक

अमेरिकी पत्रकार बिल रोजियो बताते हैं कि 2009 में उन्होंने इलियास कश्मीरी का इंटरव्यू लिया। उन्होंने पूछा, अगर कश्मीर का मसला हल हो गया तो हथियार डाल दोगे? इलियास कश्मीरी का जवाब? कश्मीर तो बस शुरुआत है। छुड़ाएंगे तो हैदराबाद, जूनागढ़, मनावर भी हिंदुओं से वापस लेंगे। आगे पूछा तो बोला, तब भी जिहाद रुकेगा नहीं—दुनिया में जहां मुसलमानों पर जुल्म, वहां जाकर जिहाद फैलाएंगे। इलियास कश्मीरी के दिमाग की ये आग समझ आ गई न? अब शुरू से।

इलियास कश्मीरी का जन्म 10 फरवरी 1964 को हुआ, पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर के समहनी घाटी के बिंबर में। जब अफगानिस्तान में सोवियत के खिलाफ जंग छिड़ी, वो महज 15 साल का था। जंग खत्म हुई तो 25 का। शुरुआती सालों में इस्लामाबाद की अल्लामा इकबाल ओपन यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहा था। 1984 में पहला साल पास किया, लेकिन बीच में छोड़कर अफगान जिहाद में कूद पड़ा। पीओके में हरकत उल जिहाद अल-इस्लामी (हुजी) एक्टिव था, उसी को जॉइन किया। हुजी को पाकिस्तान की जमात उलेमा-ए-इस्लाम और तबलीगी जमात ने मिलकर गढ़ा था—1979 में सोवियत-अफगान जंग के दौरान।

पहले खुद मुजाहिद भेजता, बाद में आईएसआई ने इसे ट्रेनिंग का हब बना दिया। पाकिस्तानी सेना को ट्रेनर चाहिए तो इलियास कश्मीरी को भेजा—आर्मी के साथ अफगानिस्तान। लैंडमाइन का मास्टर बना, लड़ाकों को सिखाता रहा। कहा जाता है, वो पाकिस्तानी स्पेशल कमांडो था, क्योंकि एलओसी पर हमलों में आर्मी कवर फायर देती। लेकिन प्रूफ? कोई नहीं। हुजी के साथ वफादार रहा, अफगान जंग के आखिर तक लड़ा—और उसी में एक आंख चली गई।

उम्र 25, लेकिन हुजी का टॉप कमांडर। रूसियों से लड़ाई के बाद कोटली से 20 किमी दूर ट्रेनिंग कैंप का जिम्मा मिला। 1991 में इसी ने कश्मीर में पहली घुसपैठ शुरू की। घुसपैठ जारी रही, 1993 में मुशर्रफ डीजीएमओ बने—बेनजीर भुट्टो की सरकार में। मुशर्रफ का प्लान: कश्मीर में भारत को तोड़ने के लिए सभी जिहादी ग्रुप्स को एकजुट करो। हरकत उल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा को जोड़ा। संगठन आपस में लड़ते, लेकिन मुशर्रफ ने एकजुट कर दिया। तब तक इलियास का नाम भारतीय सेना के रडार पर नहीं—बड़े टारगेट थे मसूद अजहर, लादेन। लेकिन 2000 का एलओसी हमला सब बदल गया।

इलियास कश्मीरी का खौफनाक चेहरा >खूनी बदला: सिर की ट्रॉफी और पाकिस्तान का ‘हीरो’

इतिहासकार सरोज कुमार रथ के रिसर्च पेपर ‘इलियास कश्मीरी थ्रू द प्रिज्म ऑफ एचयूजी’ से: फरवरी 2000 में पाकिस्तान ने भारत पर इल्जाम लगाया—एलओसी के कोटली सेक्टर में 14 नागरिक मारे। भारत ने खारिज किया। ठीक दो दिन बाद, 27 फरवरी को इलियास ने 25+ आतंकियों के साथ घुसपैठ की—पाकिस्तानी वर्दी में, नौशेरा सेक्टर। टारगेट: अशोक लिसनिंग पोस्ट, जो तीन तरफ पाक से घिरी। आर्मी ने भारी गोलीबारी-मोर्टार से कवर दिया। पोस्ट पर 8 जवान—2 शहीद, 2 लापता।

लापताओं में सिपाही भाऊ साहब मारुति तालेकर (17 मराठा लाइट इन्फैंट्री)—उनकी बिना सिर की बॉडी मिली। इलियास ने सिर काटा, पाक ले गया। पाक अखबारों ने गर्व से लिखा: भारत से बदला। ₹1 लाख इनाम, मुशर्रफ की तारीफ। यही घटना ने उसे पाक में हीरो, भारत में खूंखार बना दिया। 1 मार्च को भारत ने पाक डिप्टी हाई कमिश्नर अकबर जेब को प्रोटेस्ट नोट थमाया। 17 अप्रैल 2001 को कोटली में इलियास मीडिया के सामने: भारत का सीजफायर धोखा है, जिहादियों में फूट डालने की चाल। अमेरिका-इजराइल का साथ हो तो भी भारत को नहीं बचाएंगे। इन हमलों के बाद इलियास कश्मीरी ने अपनी यूनिट बनाई—ब्रिगेड 313।

इलियास कश्मीरी का खौफनाक चेहरा >ब्रिगेड 313: कमांडो जिहाद की शैडो आर्मी

ब्रिगेड 313—कमांडो स्टाइल यूनिट, नाम इस्लामिक इतिहास की जंग-ए-बदर से, जहां 313 ने बड़ी फौज हराई। 2002-03 में इलियास कश्मीरी ने गढ़ी, पहले हुजी का एलीट विंग। 2007-09 में अल-कायदा को सौंपा—अल-कायदा की शैडो आर्मी बनी। चुनिंदा ट्रेंड लड़ाके—पाकिस्तानी-अफगान। खासियत: सटीक घुसपैठ, बम-निर्माण, बेखौफ मौत। इलियास कश्मीरी 2003 से 2011 (मौत तक) कमांडर। अल-कायदा में लादेन-जवाहिरी के बाद तीसरा-चौथा मिलिट्री लीडर। इसके नेतृत्व में बड़े हमले: 2000 नौशेरा—तालेकर का सिर। 2008 मुंबई 26/11 में मदद (डेविड हेडली का कबूलनामा, इंडिया टुडे रिपोर्ट)।

अफगानिस्तान में सीआईए कैंप चैपमैन पर सुसाइड अटैक। 2010 पुणे जर्मन बेकरी बम. यूरोप में कई प्लान। इन हमलों ने पाक आर्मी का ‘प्यार’ नफरत में बदल दिया। वजह: 9/11। मुशर्रफ ने तालिबान छोड़ा, जिहादी ग्रुप्स पर बैन। इलियास कश्मीरी बर्दाश्त न कर सका। पुराना रिश्ता टूटा। एड्रियन लेवाई की ‘स्पाई स्टोरीज’ के मुताबिक, 2003 में मुशर्रफ पर हमले: 14 दिसंबर रावलपिंडी—बम से Mercedes हिली, मुशर्रफ गिरे लेकिन बचे।

25 दिसंबर, इस्लामाबाद—200 किलो C4, सुसाइड बॉम्बर मरा। जुलाई 2007—प्लेन पर एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें—जाम से बचे। पीछे इलियास कश्मीरी का दिमाग, नाराज पूर्व सैनिक। सबूत न मिले तो हफ्तों में रिहा। 2005 में 313 ब्रिगेड समेत वजीरिस्तान शिफ्ट—अल-कायदा-तालिबान से अमेरिकियों से लड़ा। पाक आर्मी-आईएसआई को निशाना बनाया। 2006 कराची अमेरिकी कंसुलेट सुसाइड। अब टारगेट: पश्चिमी देश। डेनमार्क कार्टून अखबार पर प्लान। हेडली से दो मुलाकातें (26/11 रेकी)। 2009 ड्रोन हमले में ‘मरा’—लेकिन दो महीने बाद इंटरव्यू देकर लौटा।

इलियास कश्मीरी का खौफनाक चेहरा >वैश्विक खौफ: मुंबई से लंदन तक का प्लान, और अंतिम धमाका

जिंदा खबर से यूरोप-अमेरिका हाई अलर्ट। एनबीसी रिपोर्ट: मुंबई उन हमलों के सामने कुछ नहीं जो इलियास कश्मीरी ने प्लान किए। खौफ: लंदन, पेरिस, बर्लिन में 26/11 जैसा? प्लान: लॉकहीड मार्टिन सीईओ को मारना (ड्रोन की गलतफहमी)। 2011 लादेन मौत पर इलियास उत्तराधिकारी कैंडिडेट। अमेरिका ने $5 मिलियन (₹42 करोड़) इनाम, ग्लोबल टेररिस्ट घोषित। अफवाहें फैलतीं, लेकिन वो मीडिया में लौटता।

पाक में प्लानिंग, अमेरिका लाचार। फिर खबर: साउथ वजीरिस्तान लामन गांव के पास ड्रोन—सेब के बाग में चाय पीते 8-9 साथियों समेत मारा। चार मिसाइलें, दो राउंड। 313 स्पोक्सपर्सन ने कन्फर्म: शहीद, बदला लेंगे। लेकिन रॉ ने डीएनए तक इंतजार किया—पहले कई फेक डेथ। अल-कायदा के प्लानर का अंत अमेरिकी हाथों। लादेन की जगह लेने वाले का भी।

फिलहाल ‘धुरंधर’ में इलियास कश्मीरी का किरदार माना जा रहा है। फिल्म रिलीज पर साफ होगा। इस कहानी पर आपका क्या कहना है? कमेंट्स में बताएं।

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