
परिचय: आठ सालों में तीन मौतें विशाल सिंघल का खौफनाक खेल
एक परिवार में आठ साल के अंतराल में तीन मौतें होना कोई सामान्य बात नहीं थी। लेकिन इससे भी अजीब बात यह थी कि परिवार के इकलौते बेटे विशाल सिंघल की हर मौत के साथ जिंदगी और रहन-सहन बदल रहा था। वह हर मौत के बाद और ज्यादा अमीर होता जा रहा था।
इसी बीच उसकी नई पत्नी को पता चला कि विशाल सिंघल ने उसके नाम पर 3 करोड़ रुपये का बीमा करवाया है। यह सुनते ही वह पुलिस के पास पहुंची, और इसके बाद जो कहानी सामने आई, वह हर किसी को दंग कर देने वाली थी।
मेरठ के गंगानगर में स्थित इस घर में पिछले आठ सालों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पहली मौत 2017 में घर की मालकिन प्रभा देवी की रोड एक्सीडेंट में हुई, दूसरी 2022 में विशाल की पत्नी एकता की बीमारी से, और तीसरी 2024 में विशाल के पिता मुकेश सिंघल की फिर से एक एक्सीडेंट में। शुरू में ये मौतें सामान्य लगती थीं, लेकिन जांच ने एक बड़ा षड्यंत्र उजागर किया।
पहली मौत: मां प्रभा देवी का एक्सीडेंट (2017)
2017 में विशाल सिंघल की मां प्रभा देवी की मौत एक रोड एक्सीडेंट में हुई। वह अपने बेटे विशाल सिंघल के साथ टू-व्हीलर पर जा रही थीं, जब किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। यह टक्कर प्रभा देवी के लिए जानलेवा साबित हुई। एफआईआर के अनुसार, विशाल सिंघल खुद बाइक चला रहा था, और पीछे से टक्कर लगने पर मां गिर गईं, जिससे उनके सिर पर चोट लगी और मौत हो गई। विशाल सिंघल को सिर्फ मामूली चोटें आईं।
जांच में पता चला कि विशाल सिंघल ने अपनी मां का बीमा करवाया था, और मौत के बाद उसे करीब 25 लाख रुपये मिले। बाद की जांच से खुलासा हुआ कि यह एक्सीडेंट फर्जी था, और विशाल ने अपनी मां के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार करके हत्या की थी।
दूसरी मौत: पत्नी एकता की संदिग्ध बीमारी (2022)
पांच साल बाद, 2022 में विशाल की पत्नी एकता की मौत हुई। विशाल सिंघल ने बताया कि एकता को मामूली बीमारी हुई थी, जिसके बाद वह उसे अस्पताल ले गया। इलाज के बाद छुट्टी मिल गई, लेकिन अगले दिन हार्ट फेलियर से उसकी मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि विशाल ने एकता का भी बीमा करवाया था, और मौत के बाद उसे 80 लाख रुपये मिले। मौत की परिस्थितियां संदिग्ध थीं, और इसे हार्ट अटैक बताया गया, लेकिन पुलिस को लगता है कि यह भी एक सोची-समझी हत्या थी। बैंक अकाउंट्स की जांच से यह क्लेम पुष्ट हुआ।
तीसरी मौत: पिता मुकेश सिंघल का फर्जी एक्सीडेंट (2024)

2024 में विशाल सिंघल के पिता मुकेश सिंघल, जो पेशे से फोटोग्राफर थे, की मौत एक रोड एक्सीडेंट में हुई। 27 मार्च को गढ़ गंगा से मेरठ लौटते समय यह हादसा हुआ। विशाल ने दावा किया कि अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी, जिससे पिता घायल हो गए और बाद में मेरठ के आनंद अस्पताल में मौत हो गई।
जांच से पता चला कि विशाल सिंघल ने अपने पिता के नाम पर 60-64 बीमा पॉलिसियां करवाई थीं, जिनकी कुल राशि 39-50 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। मौत के बाद विशाल ने 39 करोड़ का क्लेम किया। मुकेश एक मामूली फोटोग्राफर थे, और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि इतने प्रीमियम चुका सकें। पुलिस को लगा कि मौत फेक थी,
लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि विशाल ने पिता को पहले हापुड़ के नवजीवन अस्पताल में भर्ती करवाया, फिर आनंद अस्पताल ले जाकर गला घोंटकर हत्या की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसे एक्सीडेंट से मौत बताया गया, लेकिन रिपोर्ट बदलवाई गई।
बीमा कंपनियों की जांच और शक की शुरुआत
जब विशाल सिंघल ने पिता की मौत पर 39 करोड़ का क्लेम किया, तो बीमा कंपनियां सतर्क हो गईं। इतनी पॉलिसियां और राशि देखकर उन्हें फ्रॉड का शक हुआ। उन्होंने जांच की और पाया कि परिवार की आय इतनी नहीं थी। कंपनियों को लगा कि मुकेश ने अपनी मौत फेक की हो, लेकिन पुलिस शिकायत से सच्चाई सामने आई।
विशाल सिंघल की चौथी पत्नी श्रेया ने पुलिस से शिकायत की कि विशाल ने उसके नाम पर भी करोड़ों का बीमा करवाया है, और जिसका भी बीमा करवाता है, उसकी मौत हो जाती है। श्रेया को मैरिटल डिस्प्यूट था, और उसे विशाल की पिछली शादियों का पता चला।
अतिरिक्त खुलासे: गाड़ियों का लोन और फर्जी एक्सीडेंट
पुलिस जांच में पता चला कि विशाल ने जनवरी-फरवरी 2024 में पिता के नाम पर चार महंगी गाड़ियां (लेजेंडर, निसान मैग्नेट, ब्रेजा, रॉयल एनफील्ड क्लासिक बुलेट) लोन पर खरीदीं। मौत के बाद लोन माफ हो गया, और गाड़ियां विशाल के नाम हो गईं। तीन गाड़ियां उसने बेच दीं, और सिर्फ न्यूनतम डाउन पेमेंट किया था।
यह मोडस ऑपरेंडी दर्शाता है कि विशाल ने मां और पिता की हत्याएं फेक एक्सीडेंट दिखाकर कीं। दोनों मामलों में एक्सीडेंट करने वाली गाड़ियां अज्ञात बताई गईं।
पुलिस जांच और गिरफ्तारियां
मामले की जांच मेरठ पुलिस कर रही थी, लेकिन संभल की एएसपी अनुकृति शर्मा की टीम ने भी इसमें हिस्सा लिया, क्योंकि इलाके में बीमा से जुड़ी हत्याओं का ट्रेंड था। जांच से अस्पतालों, डॉक्टरों और पोस्टमॉर्टम स्टाफ की मिलीभगत का शक हुआ। तीनों मौतें अननेचुरल थीं, लेकिन रिपोर्ट्स में कोई संदेह नहीं जताया गया।
पुलिस ने विशाल और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार किया, जो हर पॉलिसी में गवाह था। विशाल का जीजा भी रडार पर है, जिसने फर्जी एक्सीडेंट में मदद की। विशाल पर मां, पत्नी और पिता की हत्या का आरोप है। अभी अस्पताल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की भूमिका की जांच चल रही है।
निष्कर्ष: एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश
यह मामला बीमा फ्रॉड और हत्याओं का खौफनाक उदाहरण है। विशाल ने परिवार के सदस्यों को मारकर करोड़ों रुपये हड़पने की कोशिश की, लेकिन उसकी पत्नी की शिकायत और बीमा कंपनियों की सतर्कता से सच्चाई सामने आई। पुलिस अभी और सच्चाइयों का पता लगा रही है, लेकिन यह घटना हमें सतर्क रहने की चेतावनी देती है।
